मध्यप्रदेश में सिंचाई को लेकर बड़ा फैसला लाखों हेक्टेयर खेतों तक पहुंचेगा पानी जानिए किसानों को कैसे मिलेगा फायदा और पूरी डिटेल

MP Irrigation Project| मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार खेती को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे ताकि किसान बिना किसी परेशानी के अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें और उत्पादन बढ़ा सकें। उन्होंने बताया कि कई बड़ी सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है जिससे आने वाले समय में किसानों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ा

राज्य (MP Irrigation Project) में केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती कालीसिंध चंबल परियोजना जैसी योजनाओं से सिंचाई व्यवस्था मजबूत हो रही है। इन परियोजनाओं के कारण पिछले दो वर्षों में ही प्रदेश में लगभग 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ी है। वर्तमान में करीब 55 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित हो रही है। सरकार का मानना है कि सिंचाई के बेहतर साधन उपलब्ध होने से खेती का क्षेत्र भी बढ़ेगा और किसानों को फसल उत्पादन में फायदा होगा।

नदियों के पानी का बेहतर उपयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश (MP Irrigation Project) नदियों के लिए जाना जाता है और यहां से कई नदियां अन्य राज्यों की ओर भी जाती हैं। प्रदेश की नदियों के पानी का सही प्रबंधन करने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकता है। नई परियोजनाओं के माध्यम से कई जिलों में सिंचाई की व्यवस्था और मजबूत की जा रही है जिससे खेती को बड़ा सहारा मिलेगा।

किसानों को दिन में भी मिलेगी बिजली

राज्य सरकार किसानों के लिए सिंचाई को आसान बनाने पर भी ध्यान दे रही है। अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे किसानों को रात में खेतों में जाकर सिंचाई (MP Irrigation Project) करने की परेशानी कम होगी और खेती का काम आसान हो सकेगा।

फसलों के लिए बेहतर दाम देने की तैयारी

सरकार ने किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए भी कई फैसले किए हैं। सोयाबीन उत्पादकों के खातों में भावांतर योजना के तहत बड़ी राशि भेजी गई है। इसके अलावा अब सरसों की फसल को भी इस योजना (MP Irrigation Project) में शामिल किया जाएगा ताकि किसानों को बाजार में कम कीमत मिलने की स्थिति में नुकसान न उठाना पड़े।

कुछ फसलों पर बोनस की घोषणा

राज्य सरकार ने उड़द की फसल पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा गेहूं की खरीद के लिए पंजीयन की तारीख भी बढ़ाई गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ उठा सकें। सरकार किसानों से गेहूं 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी जिसमें 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी शामिल है।- MP Irrigation Project

भविष्य में बढ़ेगा गेहूं का समर्थन मूल्य

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में किसानों को गेहूं का और बेहतर दाम मिल सके। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं कि वर्ष 2028 तक गेहूं की कीमत 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचाई जा सके। सरकार का कहना है कि खेती को लाभकारी बनाना और किसानों की आय बढ़ाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। — MP Irrigation Project

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