Cluster Bean Farming| मार्च का महीना जायद सीजन की कई फसलों की बुवाई के लिए अच्छा माना जाता है। इस समय मौसम फसलों की बढ़वार के लिए अनुकूल रहता है, जिससे किसान कम समय में अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। ग्वार फली भी ऐसी ही फसल है जिसकी खेती करके किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसका उपयोग हरी सब्जी के रूप में किया जाता है और इसके दाने तथा पौधे पशुओं के चारे के लिए भी उपयोगी होते हैं। बाजार में इसकी मांग बनी रहने के कारण किसानों को इसका अच्छा दाम मिल सकता है।
बुवाई का सही समय
ग्वार की खेती (Cluster Bean Farming) साल में दो बार की जा सकती है। जायद सीजन की फसल के लिए इसकी बुवाई फरवरी से मार्च के बीच करना अच्छा माना जाता है। वहीं वर्षा ऋतु की फसल के लिए जून से जुलाई का समय उपयुक्त होता है। मार्च में बोई गई ग्वार की फसल जल्दी तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग भी अच्छी रहती है।
खेत की तैयारी कैसे करें
ग्वार (Cluster Bean Farming) की अच्छी पैदावार के लिए खेत की सही तैयारी बहुत जरूरी होती है। इसके लिए खेत को दो से तीन बार अच्छी तरह जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा बना लेना चाहिए। इसके बाद खेत में गोबर की सड़ी हुई खाद डालना फायदेमंद रहता है। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों की बढ़वार भी अच्छी होती है। खेत समतल होना चाहिए और उसमें पानी के निकास की व्यवस्था भी सही होनी चाहिए।
बुवाई का सही तरीका
ग्वार फली (Cluster Bean Farming) की बुवाई कतारों में करना अच्छा माना जाता है। कतार से कतार की दूरी लगभग 30 से 45 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 10 से 15 सेंटीमीटर रखना बेहतर रहता है। बीज को लगभग 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई में बोना चाहिए। बुवाई से पहले बीज का उपचार करना भी जरूरी होता है ताकि फसल में रोग लगने की संभावना कम हो और अंकुरण अच्छा हो सके।
रोग और कीटों से बचाव
ग्वार की फसल में कई प्रकार के रोग और कीट लग सकते हैं। इनमें पत्ती झुलसा रोग, जड़ सड़न और रस चूसने वाले कीट प्रमुख होते हैं। इनसे बचाव के लिए खेत में समय समय पर निगरानी करना जरूरी है। यदि फसल में रोग या कीट दिखाई दें तो उचित दवा का छिड़काव करना चाहिए। इसके साथ ही खेत को साफ रखना और संतुलित खाद का उपयोग करना भी जरूरी होता है।– Cluster Bean Farming
कम लागत में अच्छी आय
अगर किसान सही समय पर बुवाई करें और फसल की अच्छी देखभाल करें तो ग्वार की खेती से अच्छा उत्पादन मिल सकता है। यह फसल कम पानी में भी अच्छी तरह तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग भी बनी रहती है। ऐसे में मार्च के महीने में ग्वार फली की खेती (Cluster Bean Farming) किसानों के लिए अतिरिक्त आय का अच्छा साधन बन सकती है।
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