मार्च की गर्मी ने बढ़ाई किसानों की चिंता, फसल उत्पादन में गिरावट का खतरा वैज्ञानिकों ने बताए बचाव के उपाय

Heat Stress in Crops| मार्च के महीने में ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है और कुछ जगहों पर यह 38 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। बढ़ती गर्मी का असर खेतों में खड़ी फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। सरसों, चना, मटर, मसूर और गेहूं जैसी फसलें इस समय खेतों में खड़ी हैं और तेज तापमान का उन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। खासकर वे फसलें जो देर से बोई गई हैं, उनके प्रभावित होने की संभावना अधिक बताई जा रही है।

उत्पादन में हो सकती है गिरावट

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जब तापमान सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है तो फसलें (Heat Stress in Crops) समय से पहले पकने लगती हैं। ऐसी स्थिति में दानों का भराव ठीक से नहीं हो पाता। इसके कारण फसल की पैदावार कम हो सकती है। अनुमान है कि अत्यधिक गर्मी के कारण उत्पादन में लगभग 8 से 10 प्रतिशत तक की गिरावट सकती है। इसके साथ ही फसल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है जिससे किसानों को बाजार में अच्छा दाम मिलने में दिक्कत हो सकती है।

मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में खेत की मिट्टी में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करना बेहतर माना जाता है। शाम के समय सिंचाई करने से मिट्टी ठंडी रहती है और पौधों को गर्मी से राहत मिलती है। इससे पौधों की बढ़वार पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। – Heat Stress in Crops

पोषक तत्वों का छिड़काव करें

गर्मी (Heat Stress in Crops) के असर को कम करने के लिए फसलों पर पोटाश या पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव करने की सलाह दी जा रही है। इससे पौधों को पोषण मिलता है और वे तापीय तनाव को सहन करने में सक्षम होते हैं। समय पर पोषक तत्व देने से फसल की सेहत भी बेहतर बनी रहती है।

गेहूं की फसल के लिए खास सलाह

गेहूं की फसल के लिए भी कुछ खास सावधानियां बताई गई हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि गेहूं में 2 प्रतिशत यूरिया का घोल बनाकर छिड़काव करें। इससे पौधों को अतिरिक्त पोषण मिलेगा और गर्मी (Heat Stress in Crops) के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही दोपहर के समय या तेज हवा के दौरान सिंचाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे गेहूं की फसल गिर सकती है। 

देर से बोई गई फसल पर रखें ज्यादा ध्यान

जिन किसानों ने गेहूं की बुवाई देर से की है, उनकी फसल इस समय दाना भरने की अवस्था में हो सकती है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञों ने थायो यूरिया का छिड़काव करने की सलाह दी है। लगभग 500 ग्राम थायो यूरिया को 500 लीटर पानी में घोलकर एक हेक्टेयर क्षेत्र में छिड़काव करने से फसल को गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। –Heat Stress in Crops

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