Cucumber Farming | गर्मी शुरू होते ही बाजार में खीरे की मांग तेजी से बढ़ जाती है। सलाद में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली यह सब्जी शरीर को ठंडक देती है इसलिए मार्च से जून तक इसकी बिक्री बहुत ज्यादा होती है। अगर किसान मार्च में खीरे की बुवाई कर देते हैं तो अप्रैल और मई में फसल तैयार हो जाती है। उस समय बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है इसलिए कम समय में बढ़िया कमाई हो सकती है।
क्यों फायदेमंद है यह खेती
आजकल किसान ऐसी फसलों की तरफ ध्यान दे रहे हैं जो कम समय में तैयार हो जाएं और अच्छी आय दें। खीरा (Cucumber Farming) ऐसी ही फसल है जो जल्दी तैयार हो जाती है और बाजार में हमेशा मांग बनी रहती है। कई किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ साथ खीरे की खेती भी कर रहे हैं। इससे उन्हें अच्छा उत्पादन मिल रहा है और आमदनी भी बढ़ रही है।
सही मौसम
खीरे की खेती (Cucumber Farming) के लिए 20 से 40 डिग्री तापमान अच्छा माना जाता है। जनवरी के आखिर से लेकर मार्च तक इसकी बुवाई की जा सकती है। इस समय बोई गई फसल अप्रैल और मई में तैयार हो जाती है। गर्मियों में खीरे की मांग ज्यादा होती है इसलिए किसान को अच्छे दाम मिलते हैं।
खेत की तैयारी
खीरे की खेती (Cucumber Farming) करने के लिए सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई करनी चाहिए। इसके बाद खेत में मेड बनाकर मल्च बिछा दी जाती है। मल्च में छोटे छेद करके बीज बोए जाते हैं। जब पौधे बड़े होने लगते हैं तो उनकी बढ़वार तेजी से होती है और बेल फैलने लगती है।
एक एकड़ खेत के लिए लगभग एक किलो बीज पर्याप्त होता है। पौधे से पौधे की दूरी लगभग 60 सेंटीमीटर और क्यारियों के बीच करीब 50 सेंटीमीटर दूरी रखना अच्छा रहता है। एक जगह दो बीज डालने से अंकुरण अच्छा होता है और पौधे मजबूत बनते हैं।
मिट्टी और खाद
खीरे (Cucumber Farming) की अच्छी पैदावार के लिए दोमट मिट्टी सबसे बेहतर मानी जाती है। खेत तैयार करते समय सड़ी हुई गोबर की खाद डालना बहुत फायदेमंद होता है। इससे मिट्टी उपजाऊ बनती है और पौधे तेजी से बढ़ते हैं।
इसके साथ संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन फास्फोरस और पोटाश देना भी जरूरी होता है। सही खाद मिलने से पौधे मजबूत बनते हैं और फल ज्यादा लगते हैं।
अच्छी किस्में (Cucumber Farming)
अगर किसान अच्छी किस्म का बीज चुनते हैं तो उत्पादन और भी बेहतर हो सकता है। कुछ किस्में लगभग 40 से 45 दिन में ही तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं। सही किस्म से कम समय में ज्यादा फल मिलते हैं और बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है।
बेल को सहारा देना जरूरी
खीरा (Cucumber Farming) बेल वाली फसल है इसलिए पौधों को सहारा देना जरूरी होता है। बांस या तार का सहारा देने से बेल ऊपर चढ़ती है और फल जमीन से ऊपर रहते हैं। इससे फल खराब नहीं होते और उनकी गुणवत्ता भी अच्छी रहती है।
कम समय में अच्छा मुनाफा
गर्मी के मौसम में खीरे का भाव लगभग 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक मिल जाता है। कई बार मांग बढ़ने पर कीमत इससे ज्यादा भी हो सकती है। अगर किसान सही समय पर बुवाई करें और फसल की अच्छी देखभाल करें तो एक एकड़ खेत से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इस तरह खीरे की खेती (Cucumber Farming) कम समय में कमाई बढ़ाने का अच्छा तरीका बन सकती है।




